सातवें बाघ की मौत

सातवें बाघ की मौत
जिले के घुनघुटी मे मिला शव, 5 दिन पहले मृत्यु का अनुमान
बिरसिंहपुर पाली/तपस गुप्ता। जिले मे बाघों की मौत का सिलसिला जारी है। नई घटना सामान्य वन मण्डल के घुनघुटी परिक्षेत्र की है। जहां कल एक वयस्क बाघ का शव पाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया। बाघ की मृत्यु चार से पांच दिन पहले होने का अनुमान जताया गया है। साल 2021 मे बाघ की मौत का यह सातवां मामला है। इससे पहले 6 बाघों और तीन तेदुओं की घोषित तौर पर मौत हो चुकी है। कल ही बांधवगढ़ नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक ने पार्क मे बड़े पैमाने पर बाघ शावकों के जन्म लेने की खबर सुनाई थी, जिसके बाद वन्यजीव प्रेमियों मे खुशी की लहर दौड़ गई थी। दैनिक बांधवभूमि ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसमे उद्यान मे लगातार हो रही मौतों और बाघों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया था। इसके दूसरे ही दिन जिले मे हुई बाघ की मौत ने उनकी सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।
पत्रकारों को रोका
घुनघुटी परिक्षेत्र के पतनार कला मे मृत पाया गया बाघ नर है या मादा, इसकी जानकारी अब तक हांसिल नहीं हो सकी है। वन विभाग के एसडीओ आरएल शर्मा के मुताबिक शव काफी दिन पुराना होने से सड़ चुका था, अत: इसकी पहचान नही हो सकी है। हलांकि उन्होने इस बात की पुष्टि की है कि मृत बाघ वयस्क था है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने जब नजदीक जा कर बाघ की फोटो इत्यादि लेने का प्रयास किया तो अधिकारियों ने इसकी इजाजत नहीं दी।
शिकार की संभावना से इंकार
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पीएम आदि समुचित कार्यवाही के बाद नियमानुसार मृत बाघ के शव को जला कर नष्ट कर दिया गया है। सीसीएफ शहडोल प्रभात वर्मा ने बताया कि बाघ का शव चार से पांच दिन पुराना है। शव मिलने के बाद पूरी पड़ताल की गई है। उन्होने शिकार की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि मृत बाघ के सभी अंग सुरक्षित थे। लिहाजा उसकी मौत प्राकृतिक मानी जा रही है।

 

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