मध्यप्रदेश और राजस्थान समेत कई प्रदेश बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच अब बर्ड फ्लू की दस्तक चिंता बढ़ा रही है। अब तक हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और केरल में ८४ हजार ७७५ पक्षियों की मौत हुई है। इनमें से हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, हरियाणा और गुजरात के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। मध्य प्रदेश में अब तक २०० से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है। इंदौर, मंदसौर, आगर, खरगोन, उज्जैन, देवास, नीमच और सीहोर में कौए मृत मिले हैं। इनमें इंदौर और मंदसौर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सभी जिलों को अलर्ट किया गया है। हिमाचल प्रदेश के पौंग डैम वेटलैंड में मृतक पक्षियों का आंकड़ा २००० के पार हो गया है। यहां पहला मामला २८ दिसंबर २०२० को सामने आया था। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद यहां पौंग डैम के आसपास एक किलोमीटर का क्षेत्र रेड जोन और नौ किलोमीटर का क्षेत्र सॢवलांस जोन बनाया गया है।
राजस्थान मे अब तक 522 पक्षियों की मौत
राजस्थान में अब तक ४७१ कौओं समेत ५२२ पक्षियों की मौत हो चुकी है। सोमवार को छह जिलों में १४० कौओं की मौत हुई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान में बर्ड फ्लू से हुई मौतों में कम पावर का स्ट्रेन मिला है, जो ज्यादा घातक नहीं है। केरल के अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है। यहां ५० हजार बतखों को मारने का आदेश दिया गया है। राज्य के वन, पशुपालन मंत्री के. राजू ने कहा, ‘जहां संक्रमण का पता चलेगा, वहां करीब १ किलोमीटर के दायरे में सभी पक्षियों को मार दिया जाएगा। राज्य में बर्ड फ्लू से करीब १२ हजार बतखों की मौत पहले ही हो चुकी है।
हरियाण मे 70 हजार से अधिक मुॢगयों की मौत
पंचकूला के बरवाला के रायपुररानी क्षेत्र में पिछले दो दिन में दो फार्म में ही ७० हजार से ज्यादा मुर्गियों की मौत हुई है। फार्मों से लिए गए मृत मुॢगयों के सैंपल की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि महीनेभर पहले ही कुछ पोल्ट्री फार्म में बीमारी आने लगी थी। तब यहां से मुर्गियों को कहीं दूसरी जगह बेच दिया था। प्रशासन की मिलीभगत से मामला दबा दिया गया था। गुजरात के जूनागढ़ जिले के बांटवा गांव में २ जनवरी को बतख-टिटहरी-बगुला समेत ५३ पक्षी मृत पाए गए। इनकी जांच की जा रही है।
एक ही लैब में इंसान और पक्षियों के सैम्पल
भोपाल के आनंद नगर स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीज लैबोरेटरी में पांच वैज्ञानिकों की टीम पक्षियों के सैम्पल जांचने में जुटी है। यहां कोरोना के सैम्पल भी जांचे जा रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब इस लैबोरेटरी में एक ही समय में इंसान और पक्षियों के सैम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं।
कोरोना जैसे ही बर्ड फ्लू के सिंप्टम्स
बर्ड फ्लू होने पर कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, पेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती हैं। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कौओं से ज्यादा खतरा
एवियन इन्फ्लूएंजा या एवियन फ्लू को बर्ड फ्लू कहते हैं। यह मृत या जिंदा पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है। संक्रमित पक्षी को खाने या संक्रमित पानी पीने से यह रोग फैलता है। कौए सभी जगह आसानी से पहुंच जाते हैं, इसलिए उससे सबसे ज्यादा खतरा रहता है। संक्रमित पक्षियों से दूर रहें। मरे पक्षियों के पास बिल्कुल न जाएं। नॉनवेज न खाएं। अगर खाना ही है तो नॉनवेज खरीदते समय साफ-सफाई का ध्यान रखें। संक्रमण वाले इलाकों में न जाएं।
5 राज्यों में 85 हजार पक्षियों की रहस्मयी तरीके से मौत
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