काशी मे बोले पीएम मोदी , 1774 करोड़ की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
वाराणसी। पीएम मोदी गुरुवार को वाराणसी पहुंचे। यहां 4.30 घंटे में तीन कार्यक्रम में शामिल हुए। सबसे पहले एलटी कॉलेज में पूर्वांचल के सबसे बड़े अक्षय पात्र मिड डे मील किचन का उद्घाटन किया। इसके बाद अखिल भारतीय शिक्षा समागम कार्यक्रम का उद्घाटन किया। फिर सिगरा स्टेडियम में 1774 करोड़ की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
1774 करोड़ की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
पीएम मोदी ने डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा में भोजपुरी से भाषण की शुरुआत की। पीएम ने कहा, “हर-हर महादेव। काशी में कहल जाला कि यहां सात वार नौ त्योहार होला। कहले का मतलब ई हौ कि यहां रोज-रोज नया-नया त्योहार मनावल जाला। यहां जुटल आप सबके प्रणाम है। यह तस्वीर डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम सिगरा में कार्यक्रम के दौरान की है। यहां पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी से की।पीएम ने कहा, “सावन में बाबा के भक्तों को दिव्य, भव्य और नव्य काशी का अनुभव मिलेगा। दुनिया भर के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को काशी में दिव्य अनुभव हो और आनंद मिले, यह हम सबका कमिटमेंट है।
काशी ने पूरे देश को तस्वीर दिखाई
पीएम ने कहा, “मैं आज चुनाव के बाद पहली बार आपके बीच आया हूं। काशी हमेशा से जीवंत और निरंतर प्रवाहमान रही है। काशी ने पूरे देश को एक तस्वीर दिखाई है जिसमें विरासत भी है और विकास भी है, काशी की आत्मा अविनाशी है, लेकिन काया में निरंतर नवीनता के लिए हम जी जान से जुटे हैं।
शॉर्टकट से देश का भला नहीं हो सकता
उन्होंने कहा, “काशी के नागरिकों ने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि शॉर्टकट से देश का भला नहीं हो सकता। हां कुछ नेताओं का हो सकता है। हमारे लिए विकास का अर्थ सिर्फ चमक-दमक नहीं है। विकास का अर्थ है दलित, गरीब, वंचित, पिछड़े, आदिवासी, माताओं और बहनों का सशक्तिकरण।पीएम ने कहा, “आज जिस स्टेडियम में हम सभा कर रहे हैं वह विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगी। छह दशक पुराने स्टेडियम में 21वीं सदी की सुविधाएं होंगी। गंगा की निर्मलता और स्वच्छता के लिए हमारा जो संकल्प है उसके लिए हमें लगातार प्रयास करते रहना है। काशीवासियों के विश्वास और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से हमारे हर संकल्प सिद्ध होने ही वाले हैं।
पढ़ाई का मतलब सिर्फ नौकरी ही माना जाने लगा
पीएम ने रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में अखिल भारतीय शिक्षा समागम कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पीएम ने शिक्षा नीति पर चिंता जताते हुए कहा, “हमारे देश में मेधा की कमी नहीं रही है, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसी शिक्षा नीति बना कर दी गई थी कि पढ़ाई का मतलब सिर्फ नौकरी ही माना जाने लगा था।उन्होंने कहा, “नई शिक्षा नीति देश को नई दिशा देगी। शिक्षा और शोध पर मंथन जरूरी है। नई पीढ़ी पर बड़ी जिम्मेदारी है। हमें उनके मन और उनकी आकांक्षाओं को समझना होगा। देश को आगे बढ़ाने के लिए हम हर तरह के मानव संसाधन उपलब्ध कराएं। हमारे शिक्षक जितनी तेजी से इस भावना को आत्मसात करेंगे देश को उतना ही ज्यादा लाभ होगा।
भावनाओं के आधार पर दुनिया नहीं बदल सकते
मोदी ने कहा, “जिन लक्ष्यों को पाने की देश कल्पना भी नहीं करता था, आज के भारत में वह सब संभव है। कोरोना जैसी महामारी से हम कितनी तेजी के साथ उबरे। यह पूरे विश्व ने देखा। आने वाले समय में भारत दुनिया के देशों में एजुकेशन के लिए एक बड़ा सेक्टर बन सकता है। हमने हर पल इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जिंदा रखा है।
उन्होंने कहा, “हम भावनाओं के आधार पर दुनिया नहीं बदल सकते। परिणाम के बावजूद आज प्रमाण की आवश्यकता इस दुनिया को है। दुनिया के अन्य देशों की अपेक्षा आज हमारा देश युवा है। कल हमारा देश भी बुजुर्ग होगा। इस पर यूनिवर्सिटी में अध्ययन होना चाहिए।
शिक्षा को 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है
“स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहां पहले केवल सरकार ही सब करती थी। वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार, शिक्षा को संकुचित सोच के दायरों से बाहर निकालना और उसे 21वीं सदी के आधुनिक विचारों से जोड़ना है।पीएम ने कहा, “हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की जरूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दे।” उन्होंने कहा, “काशी को मोक्ष की नगरी इसलिए कहते हैं क्योंकि हमारे यहां मुक्ति का एकमात्र रास्ता ज्ञान को ही माना जाता है।पीएम ने कहा, “ये समागम आज ऐसे समय हो रहा है, जब देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। अमृत काल में देश के अमृत संकल्पों को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी हमारी शिक्षा व्यवस्था और युवा पीढ़ी पर है। अखिल भारतीय शिक्षा समागम का ये आयोजन उस पवित्र धरती पर हो रहा है, जहां आजादी से पहले देश की इतनी महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई थी।बता दें. रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर में तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें देशभर के शिक्षाविद् शिरकत कर रहे हैं।
एलटी कॉलेज में अक्षय पात्र रसोई का उद्घाटन
पीएम मोदी सबसे पहले अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहें। इस दौरान पीएम ने बच्चों से संवाद भी किया।
20 छात्रों से बातचीत की
इस अक्षयपात्र किचन से सेवापुरी ब्लॉक के सरकारी स्कूलों के 25 हजार बच्चों के लिए रोजाना भोजन जाएगा। टारगेट 1 लाख बच्चों के लिए MDM तैयार करने का है। बाद में ये MDM दो लाख स्कूली बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।इस दौरान पीएम मोदी ने सरकारी स्कूलों के 20 छात्रों से बातचीत किया। एक बच्चे ने शिव तांडव स्तोत्र भी सुनाया। पीएम मोदी ने बच्चे की हौसलाफजाई की। इसके अलावा एक बच्ची ने पीएम मोदी को मां सरस्वती की वंदना भी सुनाई। इन बच्चों के बीच पीएम मोदी काफी खुश नजर आए।
शिक्षकों ने दिया धरना
कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि उन्हें अखिल भारतीय शिक्षा समागम का पास मिला है। इसके बावजूद रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उन्हें एंट्री नहीं दी गई। वाराणसी और दूरदराज से आए शिक्षक नाराज होकर रुद्राक्ष के बाहर धरना देने लगे और बदइंतजामी का आरोप लगाया। बाद में सभी को प्रशासन ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के सामने से हटा दिया।
काशी के लोगों के बीच रहना खुशी की बात: मोदी
दिल्ली से निकलने से पहले उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाराणसी जा रहा हूं। काशी के लोगों के बीच रहना हमेशा खुशी की बात है।” PM मोदी चार महीने बाद काशी पहुंचे हैं।
पद्मश्री अवार्डी का सपना पूरा हो रहा
प्रधानमंत्री 20 महीने पहले पद्मश्री अवार्डी बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह से किया वादा भी पूरा किया। इंडियन महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कैप्टन प्रशांति सिंह से 10 नवंबर 2020 को PM ने बात की थी। तब प्रशांति ने स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की थी। डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के कायाकल्प के साथ प्रशांति सिंह का वह सपना आज पूरा हो गया।
बुनकर परिवार की बेटियों ने बनाया अंगवस्त्रम
PM के लिए बुनकर परिवार की बेटियां तरन्नुम, रहनुमा, शहाना और नगमा ने अंगवस्त्रम तैयार किया। केसरिया रंग के बनारसी कपड़े पर जरदोजी से शब्द और कलाकृति उकेरी गई हैं। इस दौरे को यादगार बनाने के लिए PM को डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का नया मॉडल बतौर स्मृति चिह्न दिया गया। कसेरा समाज ने पंच धातु की 15 इंच की सरस्वती की प्रतिमा भी PM को भेंट की है।
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